Category: Hindi literature

JAIN VRUTHANT

जैन-वृतान्त ( जैन महापुरुषों और देवियों की जीवनियाँ ) – लेखक— महर्षि शिवब्रतलाल वर्मन एम. ए., सम्पादक नन्दूभाई ( निज़ामाबाद दक्षिण ) सहायक सम्पादक देबीचरन मीतल (लेखराज नगर) अलीगढ़ प्रथम वार                  सर्वाधिकार सुरक्षित [ मूल्य ॥) प्रति विषय अनुक्रमणिका क्रम  विषय विषय । १-प्राक्कथन २–भूमिका । ३-ऋषभदेव ( आदिनाथ )…. ४-अर्हन जी ५-नेमिनाथ ६-पाश्र्वनाथ […]

GRIDHAR MOTI

RS राधास्वामी दयाल की दुया ! राधास्वामी सहाय !! शिव । जुलाई सन् १९५५ तरंग ५ गुरू रूप कोई बताये कैसे गुरु को रिभाऊँ! गुरु को रिभाऊँ प्यारे गुरु को मनाऊ! १– मेरे मन में मेरे तन में, छिन छिन पल पल मेरे पन में। घर बाहर पर्वत में बन में, ठौर ठौर गुरु पाऊँ। […]

Hitopadesh

R.S गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरुर्देव महेश्वरः। गुरु साक्षात् परम ब्रह्मः तस्मै श्री गुरुवेनमः ।। शिव वर्ष २ } मई १९५६ ई० तरंग ३ धन्यवादे का शब्द है। भव सागर अगम अथाह से, पार करा दिया सतगुरु दाता ने । मुझ दीन अधीन को ठौर ठिकाने, लगा दिया सतगुरु दाता ने ॥ संसार महा दुखदाई […]

Jagat Kalyan

जगत कल्याण प्रथम प्रवचन प्रार्थना मंगलम् गुरु शब्द रूप, अनाम नाम प्रकाशनम् ।। मंगलम शब्दार्थ शब्दाधार, शब्द निवासनम् ।। गुप्त अपने आप में जब. अलख अगम अनाम आप । जब प्रगट–आनन्द ज्ञानाकोर, अरु सतधाम अपि ॥ साज संत समाज मंगल, काज जीव उद्धार को ।। आपने धारण किया है, परम संत अवतार को ।। आप […]

Rajasthan ki Lalit Lalaniye

राजस्थाक की ललित ललनाये लेखक महर्षि शिवव्रतलाल वर्मन एम. ए. ऐडीटर नन्दू भाई, निजामाबाद (हैदराबाद दखन) समाचार जगत शब्द जब मानस देह मिली तुमको इस देह से औरों को कुछ दो। जीते जी इस संसार में कीर्ति यश आदर सनमान को लो ।। धनवान हो तो तुम धन को दो विद्या वाले हो विद्या दो। […]

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